कवि अक्षय उपाध्याय का परिचय
समकालीन हिंदी कविता की युवा पीढ़ी के सशक्त, संवेदनशील और विचारशील हस्ताक्षर अक्षय उपाध्याय का जन्म मध्य प्रदेश में हुआ। उनकी कविताओं में आधुनिक जीवन की जटिलताओं, रोजमर्रा की जद्दोजहद, प्रेम, मानवीय संबंधों के सूक्ष्म रेशों और गहरी सामाजिक चेतना का सहज किंतु मारक अंकन मिलता है। वे अपनी सहज बिंब-योजना, अनूठी कहन और वैचारिक पारदर्शिता के लिए जाने जाते हैं। उनकी रचनाएँ 'तुम नहीं मिलती तो भी', 'अगर सचमुच यह औरत', 'गेंद' और 'इषिता के लिए' समकालीन पाठकों के बीच खासी सराही गई हैं। युवा कविता में विशिष्ट रचनात्मक हस्तक्षेप के लिए वे प्रतिष्ठित साहित्यिक मंचों और पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर सम्मानित व चर्चित रहे हैं।
अक्षय उपाध्याय की प्रमुख कविताएँ
- तुम नहीं मिलती तो भी / अक्षय उपाध्याय
- अगर सचमुच यह औरत / अक्षय उपाध्याय
- सीने में क्या है तुम्हारे / अक्षय उपाध्याय
- गेंद (एक) / अक्षय उपाध्याय
- गेंद (दो) / अक्षय उपाध्याय
- इषिता के लिए (एक) / अक्षय उपाध्याय
- इषिता के लिए (दो) / अक्षय उपाध्याय