परिचय
अज्ञेय (सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन) (1911–1987) हिंदी के प्रमुख कवि, लेखक, संपादक और आधुनिकतावादी साहित्यकार थे। वे हिंदी की नई कविता के प्रमुख प्रवर्तकों में माने जाते हैं। उनकी रचनाओं में व्यक्ति की स्वतंत्रता, आत्मचिंतन, प्रकृति, प्रेम और आधुनिक जीवन की जटिलताओं का गहरा प्रभाव दिखाई देता है। उन्होंने हिंदी साहित्य में प्रयोगधर्मिता को बढ़ावा दिया और ‘तार सप्तक’ का संपादन करके नई कविता के अनेक रचनाकारों को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी प्रमुख कृतियों में ‘शेखर : एक जीवनी’, ‘हरी घास पर क्षण भर’, ‘आँगन के पार द्वार’ और ‘कितनी नावों में कितनी बार’ शामिल हैं। आधुनिक हिंदी साहित्य में अज्ञेय का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कविताएँ : रचनाएं
- अपने प्रेम के उद्वेग में
- जो पुल बनाएँगे
- मन बहुत सोचता है
- असाध्य वीणा
- मैं देख रहा हूँ
- क्योंकि तुम हो
- नदी के द्वीप
- नदी के द्वीप
- तुम हँसी हो
- तुम हँसी हो
- कलगी बाजरे की
- कलगी बाजरे की
- यह दीप अकेला (एन.सी. ई.आर.टी)
- यह दीप अकेला (एन.सी. ई.आर.टी)
- छंद
- इस अपूर्ण जग में
- आगंतुक
- कोई कहे या न कहे
- हरी घास पर क्षण भर
- चीनी चाय पीते हुए
- मैंने देखा, एक बूँद़ (एन.सी. ई.आर.टी)
- मैंने देखा, एक बूँद़ (एन.सी. ई.आर.टी)
- जन्म-दिवस
- जैसे तुझे स्वीकार हो
- काँपती है
- महानगर : रात
- सम्राज्ञी का नैवेद्य-दान
- जो कहा नहीं गया
- जितना तुम्हारा सच है
- वसीयत
- प्रार्थना का एक प्रकार
- सूर्यास्त
- नाच
- मैं वहाँ हूँ
- शब्द और सत्य
- लौटे यात्री का वक्तव्य
- घर
- अचरज
- जन्म-दिवस
- उधार
- ब्राह्म-मुहूर्त : स्वस्तिवाचन
- आज थका हिय-हारिल मेरा!
- बावरा अहेरी
- दीप पत्थर का
- चुक गया दिन
- तुम कदाचित् न भी जानो
- चक्रांत शिला-1
- चक्रांत शिला-16
- सोन-मछली
- विपर्यय
- पुनर्दर्शनाय
- आज तुम शब्द न दो
- दूर्वाचल
- पश्चिम के समूह-जन
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
अज्ञेय का पूरा नाम क्या है?
अज्ञेय का पूरा नाम सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन है (1911–1987)। वे हिंदी के प्रमुख कवि, लेखक, संपादक और आधुनिकतावादी साहित्यकार थे।
अज्ञेय की प्रसिद्ध कविताएँ कौन-सी हैं?
‘यह दीप अकेला’, ‘मैंने देखा एक बूँद’, ‘नदी के द्वीप’, ‘कलगी बाजरे की’, ‘सोन-मछली’, ‘असाध्य वीणा’ और ‘मैं देख रहा हूँ’ अज्ञेय की सबसे प्रसिद्ध कविताओं में शामिल हैं।
अज्ञेय किस काव्य-धारा से जुड़े थे?
अज्ञेय हिंदी की नई कविता और प्रयोगवाद के प्रमुख प्रवर्तक माने जाते हैं। उन्होंने ‘तार सप्तक’ का संपादन करके नई कविता के अनेक रचनाकारों को सामने लाया।
अज्ञेय की प्रमुख कृतियाँ कौन-सी हैं?
‘शेखर : एक जीवनी’, ‘हरी घास पर क्षण भर’, ‘आँगन के पार द्वार’, ‘कितनी नावों में कितनी बार’ और ‘बावरा अहेरी’ अज्ञेय की प्रमुख कृतियाँ हैं।
NCERT में अज्ञेय की कौन-सी कविताएँ पढ़ाई जाती हैं?
NCERT हिंदी पाठ्यक्रम में अज्ञेय की ‘यह दीप अकेला’ और ‘मैंने देखा, एक बूँद’ कविताएँ शामिल हैं।