मेघराज मुकुल (1923–1996) बीकानेर के प्रसिद्ध राजस्थानी कवि और साहित्यकार थे। उन्होंने राजस्थानी भाषा और साहित्य को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी रचनाओं में राजस्थान की लोक-संस्कृति, इतिहास, वीरता और जनजीवन के विविध स्वर दिखाई देते हैं। उनकी काव्य-भाषा में ओज, लोकभावना और सामाजिक चेतना का प्रभाव मिलता है। आप द्वार रचित सैनाणी अति लोकप्रिय रचना है
- मेघराज मुकुल की कविताएँ : Meghraj Mukul Kavita
- सैनाणी
- आज सांच नै आंच दाझगी
- चंवरी
- देस री जवानी
- धरती रो हेलो
- मेघराज मुकुल के गीत : Meghraj Mukul Geet
- भू-दान
- छियाँ- तावड़ो
- धरती री पहली बेटी