कन्हैयालाल सेठिया (11 सितंबर 1919–11 नवंबर 2008) राजस्थान के प्रसिद्ध राजस्थानी और हिंदी कवि एवं साहित्यकार थे। उनका जन्म सुजानगढ़, चूरू में हुआ था। आधुनिक राजस्थानी कविता को नई पहचान देने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में ‘धरती धोरां री’, ‘लीलटांस’, ‘सबद’ और ‘मायड़ रो हेलो’ प्रमुख हैं। उन्हें राजस्थानी साहित्य के लिए साहित्य अकादमी सहित अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
- कन्हैयालाल सेठिया की कविताएं : Kanhaiyalal Sethiya Ki Kavita
- काळ
- बगत
- मतीरा
- कविता
- पिसतावो
- कन्हैयालाल सेठिया के गीत : Geet Kanhaiyalal Sethiya ke Geet
- बैरण बांसलड़ी
- बापू
- बटाऊ रो गीत
- धरती धोरां री
- गोरै दिन रै लारै सिंझ्या बहू सांवळी आई
- माळीड़ा, मत चूंट फूल तो
- सीपी, पाळ पेट में मोती
- कन्हैयालाल सेठिया सूं पदम मेहता री बंतळ