छत्तीसगढ़ की धरती अपनी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपरा के लिए जानी जाती है। यहाँ के लोकगीत सदियों से पीढ़ी-दर-पीढ़ी मौखिक परंपरा के रूप में चले आ रहे हैं। करमा गीत जहाँ करमा पर्व पर सामूहिक नृत्य के साथ गाया जाता है, वहीं सुआ गीत महिलाओं द्वारा दीपावली के समय तोते के प्रतीक के साथ गाया जाने वाला पारंपरिक गीत है। ददरिया छत्तीसगढ़ का सबसे प्रचलित प्रेम गीत माना जाता है, जबकि बिहाव गीत विवाह की हर रस्म को गीतों के माध्यम से जीवंत बनाते हैं। इस पेज पर आपको इन सभी विधाओं के प्रामाणिक बोल हिंदी लिपि में उपलब्ध हैं।
छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति का अनमोल खजाना – भरथरी गाथा, करमा, सुआ, ददरिया, बिहाव गीत और अन्य cg songs lyrics ( लोकगीतों ) के बोल हिंदी में।
📖 इस पेज पर क्या उपलब्ध है?
- 🎵 भरथरी लोकगाथा – 17 प्रसंग
- 🎵 करमा गीत – 6 लोकप्रिय गीत
- 🎵 सुआ गीत – 4 प्रमुख गीत
- 🎵 ददरिया गीत – 4 प्रसिद्ध गीत
- 🎵 बिहाव के गीत – 14 विवाह गीत
- 🎵 जन्म के गीत – 3 लोकगीत
- 🎵 मिश्रित लोकगीत – 50+ गीत
- ❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
🎵 भरथरी लोकगाथा | Bharthari Lokgatha
राजा भरथरी की प्रसिद्ध लोकगाथा – राजा से जोगी बनने तक की कहानी। यह छत्तीसगढ़ की सबसे भावुक और लोकप्रिय लोककथाओं में से एक है, जिसे गाँव-गाँव में सुनाया और गाया जाता है। नीचे दिए गए 17 प्रसंगों में पूरी गाथा क्रमवार पढ़ें।
- राजा का जोगी वेष में आना
- चम्पा दासी का जोगी को भिक्षा देना
- चम्पा दासी द्वारा राजा को पहचान
- रानी का चम्पा दासी को सजा देना
- रानी से चम्पा दासी के लिए विनती
- शंकर पूजा, चम्पा को शंकर दर्शन
- भाग 1 | भाग 2 | भाग 3 | भाग 4 | भाग 5 | भाग 6 | भाग 7 | भाग 8 | भाग 9 | भाग 10 | भाग 11
🎵 करमा गीत | Karma Geet
करमा छत्तीसगढ़ का प्रमुख लोकनृत्य व लोकगीत है, जो करमा पर्व (भादो-कुँवार माह) में गाया जाता है। ढोल और मांदर की थाप पर युवक-युवतियाँ मिलकर करमा नृत्य करते हैं।
करमा गीत 1 – चलो नाचे जाबा रे गोलेंदा जोड़ा
चलो नाचे जाबा रे गोलेंदा जोड़ा,
करमा तिहार आये है, नाचे जाबो रे।
पहली मैं सुमिरौं सरस्वती माई रे,
पाछू गौरी गणेश-रे गोलेंदा जोड़ा।
गांव के देवी-देवता के पइंया लगारे,
गोड़ लागौ गूरुदेव के रे गोलेंदा जोड़ा।
करमा गीत 2 – हौरे हौरे, धीच वेनी भुजा डारे
हौरे हौरे, धीच वेनी भुजा डारे,
मांग में तो सेंदूरा बिराजे,
धीच वेनी भुजा डारे।
हाजी पैर के पयरी ललकारे – धीच,
पिंडरी चुरुवा ललकारे – धीच,
जांध के जंधिया ललकारे – धीच,
कनिहा लहंगा ललकारे – धीच।
छाती के चालिया ललका – धीच,
गला सुतली ललकारे – धीच,
नाक नथुली ललकारे – धीच,
माध के मधोचा ललकारे – धीच।
ये बोल छत्तीसगढ़ी लोक-परंपरा से हैं।
- चलो नाचे जाबा रे गोलेंदा जोड़ा
- हौरे हौरे, धीच वेनी भुजा डारे
- हां हां रे रतन बोइर तरी रे
- हाय रे हाय, मैं तो नहिं जानों जी
- ओ हो रे हाय, रात झिम झिम करे
- रांधत देखेंव मोगरी मछरी
🎵 सुआ गीत | Sua Geet
सुआ गीत दीपावली के अवसर पर महिलाओं द्वारा टोकनी में सुआ (तोता) रखकर गाया जाने वाला पारंपरिक गीत है, जो श्रृंगार और भक्ति दोनों भावों को दर्शाता है।
🎵 ददरिया गीत | Dadariya Geet
ददरिया छत्तीसगढ़ का लोकप्रिय प्रेम गीत है, जिसे खेत-खलिहान में काम करते हुए स्त्री-पुरुष द्वारा प्रश्नोत्तर शैली में गाया जाता है।
🎵 बिहाव के गीत | Wedding Songs
छत्तीसगढ़ी विवाह की हर रस्म का अपना गीत होता है — टिकावन से लेकर बिदाई तक। ये गीत परिवार और समाज की खुशियों को शब्दों में पिरोते हैं।
- टिकावन
- चुलमाटी
- तेलचघी
- बरात निकासी
- मायमौरी
- परघनी
- भांवर
- नहडोरी
- मउर सउंपे के गीत
- भड़ौनी व गारी गीत
- समधी के लिए गीत
- समधिन के लिए गीत
- दुल्हा राजा के लिए गीत
- बिदाई
🎵 जन्म के गीत | Birth Songs
🎵 अन्य लोकप्रिय लोकगीत | Other Popular Folk Songs
- अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार
- आज अध-रतिहा मोर फूल बगिया मा
- एसो के सावन मे जम के बरस रे बादर करिया
- कजरेली मोरे मैना
- सुरहिन गइया के गोबर मँगा ले ओ
- हल्दी गीत
- कान्हा के होली
- का तै मोला मोहनी डार दिये गोंदा फूल
- गोंदा फुलगे मोरे राजा
- गोवर्धन पूजा
- डँडा गीत
- बुझो बूझो गोरखनाथ अमरित बानी
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
छत्तीसगढ़ी लोकगीत किसे कहते हैं?
छत्तीसगढ़ी लोकगीत वे पारंपरिक गीत हैं जो सदियों से छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति में मौखिक रूप से चले आ रहे हैं, जैसे करमा, सुआ, ददरिया और बिहाव गीत।
छत्तीसगढ़ का सबसे प्रसिद्ध लोकगीत कौन सा है?
करमा गीत और सुआ गीत सबसे लोकप्रिय हैं। भरथरी लोकगाथा भी छत्तीसगढ़ की सबसे प्रसिद्ध लोककथाओं में से एक है।
छत्तीसगढ़ी बिहाव गीत में कौन-कौन सी रस्में शामिल हैं?
टिकावन, चुलमाटी, तेलचघी, बरात निकासी, मायमौरी, परघनी, भांवर, नहडोरी और बिदाई प्रमुख रस्में हैं, जिनके अलग-अलग गीत होते हैं।
ददरिया गीत किस अवसर पर गाया जाता है?
ददरिया मुख्यतः खेतों में काम करते समय या मेला-मड़ई के अवसर पर गाया जाने वाला प्रेम प्रधान लोकगीत है।
भरथरी लोकगाथा किस बारे में है?
भरथरी लोकगाथा राजा भरथरी की कथा है, जो राज-पाट त्यागकर जोगी बन जाते हैं। यह छत्तीसगढ़ की सबसे भावुक और लोकप्रिय लोकगाथाओं में से एक है।
यह छत्तीसगढ़ी लोकगीत संग्रह नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।
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