बुन्देली सोहर गीत लिरिक्स हिंदी में | Bundeli Sohar Geet Lyrics in Hindi
बुन्देली सोहर गीत (Bundeli Sohar Geet Lyrics) बुंदेलखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति और पारंपरिक संस्कारों का अनमोल हिस्सा हैं। ये पारंपरिक लोकगीत मुख्य रूप से नवजात शिशु के जन्मोत्सव, बधाई, नामकरण, श्री कृष्ण जन्मोत्सव और रामनवमी जैसे मांगलिक अवसरों पर गाए जाते हैं। यहाँ बुंदेलखंड के सभी लोकप्रिय सोहर गीतों के बोल (Lyrics) क्रमबद्ध रूप से उपलब्ध हैं।
बुन्देली सोहर गीत के बोल
नीचे दो सबसे लोकप्रिय बुन्देली सोहर गीतों के पूरे बोल दिए गए हैं। बाकी सभी गीतों की सूची इनके नीचे है।
अवध में जन्मे राम सलोना
अवध में जन्मे राम सलोना,
बंधनवारे बंधे दरवाजे,
कलश धरे दोऊ कोना। अवध…
रानी कौशिल्या ने बेटा जाये,
राजा दशरथ के छौना। अवध…
रानी कौशिल्या ने कपड़े लुटाये,
राजा दशरथ ने सोना। अवध…
हीरा लाल जड़े पलना में,
नजर लगे न टोना। अवध…
झूलें नंदलाल, झुलाओ सखी पालना
झूलें नंदलाल झुलाओ सखी पालना,
काहे के तोरे बनो पालना,
काहे के लागे फंुदना।
अगर चंदन के बने हैं पालना,
रेशम की डोरी, रुपे के लागे फंुदना।
को झूलें, को जो झुलावे,
को जो बलैया लेत मुख चूमना।
कान्हा झूले, सखिया झुलावें,
यशोदा बलैया, नंद मुख चूमना।
ये बोल बुंदेली लोक-परंपरा से हैं।
🎵 सभी बुन्देली सोहर गीतों की सूची (Bundeli Sohar Geet List)
- अगना मे बाजे बधैया बाजे हो बधैया
- अवध मे जन्मे राम सलोना
- आज भई मोरे मन की, सुनो सैंया
- ऊपर बादल घुमड़ाये हो
- गलियन-गलियन फिरे मनहारिन
- जशोदा के महलन बेग चलो री
- जो बदनवारो कहा लये जाती
- झूले नदलाल झुलाओ सखी पालना
- नद घर बजत बधा लाल हम सुनके आ
- पलग पर रोय रहयो मेरो नदलाला
- पहले पहर को सपनो सुनो मोरी सासो जी महाराज
- पिया कैसे झुलाऊ रस के बिजना
- बधइया बाजै माधौ जी के
- बधाये नन्द के घर आज सुहाये नन्द के घर आज
- मथुरा मे जन्मे नद के कुमार
- राजा दशरथ के चारो लाल दिन-दिन प्यारे लगे
- लूटन चलो श्याम की अमरैया
- श्री रामचन्द्र जन्म लिये चैत सुदि नौमी
- सो जा वा रे वीर तुम तो सो जाओ वा रे वीर
- हम पहिरे मूगन की माला
- हमखो तो चिन्ता हो रही
- हमरे हु नन्दलाल चली आना ननदिया
📖 बुन्देली सोहर गीत का महत्व (Significance of Bundeli Sohar Songs)
बुंदेलखंडी सोहर गीत लोक-संस्कृति के जीवंत दस्तावेज हैं। इन गीतों में वात्सल्य, पारिवारिक स्नेह और उल्लास की अभिव्यक्ति होती है। भगवान श्री राम और श्री कृष्ण के बाल-रूप और अवतरण की लीलाओं से जुड़े ये बधाई गीत आज भी बुंदेलखंड के ग्रामीण व शहरी अंचलों में हर्षोल्लास के साथ गाए जाते हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
बुन्देली सोहर गीत क्या हैं?
सोहर गीत बुंदेलखंड क्षेत्र में शिशु के जन्मोत्सव, नामकरण और बधाई के अवसर पर गाए जाने वाले पारंपरिक लोकगीत हैं। इनमें नंदलाल कृष्ण और भगवान राम के बाल स्वरूप का सुंदर वर्णन होता है।
सोहर गीत किस अवसर पर गाए जाते हैं?
ये गीत मुख्यतः संतान जन्म, बधाई संस्कार, जन्माष्टमी, रामनवमी तथा मांगलिक पारिवारिक उत्सवों पर महिलाओं द्वारा गाए जाते हैं।
बुन्देली सोहर गीत के बोल (Lyrics) कहाँ मिलेंगे?
ऊपर दी गई सूची में प्रत्येक गीत के लिंक पर क्लिक करके आप सभी बुन्देली सोहर गीतों के संपूर्ण बोल आसानी से पढ़ सकते हैं।
📌 नोट: सभी बुन्देली सोहर गीतों के प्रामाणिक बोल हिंदी में संकलित हैं। लोक-संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए कृपया इस संग्रह को साझा करें।
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