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मैथिली नचारी गीत लिरिक्स | Nachari Maithili Lokgeet — पराती, कीर्तन, छठ गीत

2025-08-01 · लोकगीत / Lokgeet

मैथिली लोकगीत मिथिलांचल की आत्मा हैं। ये गीत सदियों से पीढ़ी-दर-पीढ़ी चले आ रहे हैं और आज भी त्योहारों, पूजा-पाठ, विवाह और सामाजिक आयोजनों में गाए जाते हैं। चाहे नचारी हो, भगवतीक, पराती, कीर्त्तन, छठि, हनुमानक या ब्राह्मणक — हर गीत की अपनी एक अलग मिठास और भावना होती है। इस संग्रह में शिव-नचारी, देवी-भगवतीक, राम-पराती, कृष्ण-कीर्त्तन, छठ मइया के गीत, हनुमान जी के भजन और ब्राह्मणक गीत — सभी प्रमुख मैथिली लोकगीतों की लिरिक्स शामिल हैं।


🕉️ नचारी गीत | Nachari Geet — शिव-पार्वती भक्ति

नचारी गीत शिव-पार्वती के विवाह से जुड़े हुए हैं। ये गीत सावन के महीने और शिवरात्रि के अवसर पर विशेष रूप से गाए जाते हैं, जिनमें शिवजी की महिमा और बाबा बैद्यनाथ की स्तुति होती है।

🌺 भगवतीक गीत | Bhagwatik Geet — देवी भक्ति

भगवतीक गीत दुर्गा और काली माता की आराधना में गाए जाते हैं। नवरात्रि और दुर्गा पूजा के अवसर पर मिथिलांचल में इन गीतों का विशेष महत्व है।

🏹 पराती गीत | Parati Geet — राम-सीता विरह

पराती गीत भोर के समय गाए जाने वाले भक्ति गीत हैं, जिनमें राम-सीता के विरह और वियोग की भावनाओं को दर्शाया जाता है।

🎵 कीर्त्तन गीत | Kirtan Geet — कृष्ण-राम भक्ति

कीर्त्तन गीत राम और कृष्ण की लीलाओं तथा भक्ति भावनाओं को समर्पित हैं। ये सामूहिक भजन-कीर्तन में गाए जाते हैं।

🌞 छठि गीत | Chhathi Geet — सूर्य उपासना

छठ पूजा के गीत मैथिली लोकगीतों का सबसे लोकप्रिय हिस्सा हैं। ये गीत छठी मइया की आराधना में गाए जाते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

🙏 हनुमानक गीत | Hanumanak Geet — बजरंगबली

हनुमानक गीत बजरंगबली की वीरता, भक्ति और शक्ति की महिमा का गुणगान करते हैं। मंगलवार व शनिवार को इन गीतों को विशेष रूप से गाया जाता है।

📿 ब्राह्मणक गीत | Brahmanak Geet

ब्राह्मणक गीत मिथिलांचल की सामाजिक व सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े लोकगीत हैं, जिनमें ब्राह्मण देवता के प्रति श्रद्धा और आशीर्वाद की भावना व्यक्त होती है।


❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मैथिली लोकगीतों की क्या विशेषता है?
मैथिली लोकगीत मिथिलांचल की सांस्कृतिक पहचान हैं। ये गीत शिव-पार्वती, राम-सीता, कृष्ण-राधा, दुर्गा-काली, छठ मइया और हनुमान जी की भक्ति में रचे गए हैं। नचारी, पराती, कीर्त्तन, भगवतीक, छठि आदि अलग-अलग अवसरों पर गाए जाते हैं।

नचारी गीत कब गाए जाते हैं?
नचारी गीत शिव-पार्वती के विवाह से जुड़े हुए हैं। ये गीत सावन के महीने और शिवरात्रि के अवसर पर विशेष रूप से गाए जाते हैं, जिनमें शिवजी की महिमा और भक्तों की वेदनाएँ व्यक्त होती हैं।

मैथिली में छठ गीत कितने प्रचलित हैं?
छठ पूजा के गीत मैथिली लोकगीतों का सबसे लोकप्रिय हिस्सा हैं। ये गीत छठी मइया की आराधना में गाए जाते हैं और इनमें सूर्य देव और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना होती है।

भगवतीक गीत किस देवी को समर्पित हैं?
भगवतीक गीत मुख्यतः दुर्गा और काली माता को समर्पित हैं। नवरात्रि और दुर्गा पूजा के अवसर पर इन गीतों को विशेष श्रद्धा से गाया जाता है।


📌 नोट: यह मैथिली लोकगीत संग्रह नियमित रूप से अपडेट किया जाता है। सभी गीतों के बोल हिंदी लिपि में उपलब्ध हैं। 🙏 कृपया इस पेज को शेयर करें।

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