राजा विक्रमादित्य की सवारी जंगल से गुज़रती है। पेड़ पर उलटा लटका एक जीव हँसकर बोलता है — "मैं बेताल हूँ। तुम्हें मेरे पास से गुज़रना है तो ये 25 पहेलियाँ सुलझाकर दिखाओ।" हर कहानी में एक पहेली है, और उसका जवाब मिलते ही बेताल फिर पेड़ पर जा लटकता है। यही है बेताल पच्चीसी — विक्रमादित्य की बुद्धिमानी और न्याय का सबसे प्रसिद्ध संग्रह, जो सदियों से दादी-नानी की ज़बान पर रहा है। नीचे सभी 25 कथाओं की पूरी सूची क्रम से दी गई है।
बेताल पच्चीसी की कहानियाँ | Betal Pachchisi Ki Kahaniyan
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