एक जादुई सिंहासन, बत्तीस पुतलियाँ और हर पुतली के पास एक ऐसी कहानी — जो राजा भोज को तब तक उस सिंहासन पर बैठने नहीं देती जब तक वे यह साबित न कर दें कि वे महाराजा विक्रमादित्य जितने गुणवान हैं। यही है सिंहासन बत्तीसी — भारत की उन कालजयी कथाओं का संग्रह जो सदियों से दादी-नानी की ज़बान पर रहीं और आज भी उतनी ही रोचक हैं। इन ३२ कथाओं में विक्रमादित्य के न्याय, दानशीलता, साहस और त्याग के ऐसे किस्से हैं जो पढ़ते-पढ़ते कब घंटे बीत जाएँ पता नहीं चलता। नीचे सभी कथाओं की पूरी सूची दी गई है — क्रम से पढ़ें या अपनी पसंदीदा पुतली की कथा सीधे चुनें।