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Sohar Geet Lyrics : सोहर लोकगीत लिरिक्स – मैथिली, भोजपुरी, अवधी, बुंदेली, मगही

2026-05-14 · लोकगीत

सोहर गीत क्या है? | Sohar Geet Kya Hai

सोहर गीत बच्चे के जन्म के अवसर पर गाया जाने वाला पारंपरिक लोकगीत है, जो मुख्य रूप से मिथिला और भोजपुरी क्षेत्र में प्रचलित है। इसमें घर की स्त्रियाँ मिलकर नए मेहमान का स्वागत करती हैं — ननद-भौजाई की छेड़छाड़, सास का दुलार और परिवार की खुशी, सब गीत में आ जाते हैं।

सोहर संस्कार-गीत है, इसलिए इसे ढोलक या हाथ की थाप पर सामूहिक रूप से गाया जाता है। इसका एक लंबा रूप सोहर-सोहिला भी है, जिसमें पूरी घटना कथा-शैली में गाई जाती है।

भोजपुरी सोहर गीत के बोल | Bhojpuri Sohar Geet Lyrics

बबुआ बइठले नहाए त सासु निरेखेली ए

बबुआ बइठले नहाए त सासु निरेखेली ए,
ललना कवना चेली के लोभवलु त,
गरभ रहि जाले नू ए।

पुत मोरे बसेले अयोध्या, पतोहिया गजओबर ए,
ए सासु भंवरा सरीखे प्रभु अइले,
गरभ रहि जाले नू ए।

मोरे पिछुअरवा पटेहरवा भइया, तूहू मोरे हितवा नू ए,
बिनी द ना रेशमऽ के जलिया त,
छैला के भोराइवि हे।

बिनि देहले रेशमऽ के जलिया, रेशम-डोरिया लगाई देहले ए,
लेहि जाहु रेशम के जलिया, छैला के भोरावऽहु ए।

सुतल बाड़ू कि जागलऽ सासु,
चिन्ही लऽ आपनऽ पुतवा अछरंगवा मत लगावऽहु ए।

अंगना में कुइयाँ खोनाइले, पीयर माटी नू ए

अंगना में कुइयाँ खोनाइले, पीयर माटी नू ए,
ए ललना जाहिरे जगवहु कवन देवा, नाती जनम लिहले हो।

नाती जनमले त भल भइले, अब वंस बाढ़हू ए।
ए ललना देह घालऽ सोने के हँसुअवा,
बाबू के नार काटहु ए।

ए ललना देइ घालऽ सोने के खपड़वा,
बाबू के नहवाईवि ए।
ए ललना जाहि रे जगवहु कवन देवा,
नाती जनम लिहले ए।

नाती जनमले त भल भइले, अब वंस बाढ़हू ए।
ए ललना देई घालऽ रेशमऽ के कपड़वा,
जे बाबू के पेनहाइवि ए।

जुग जुग जियसु ललनवा

जुग जुग जियसु ललनवा, भवनवा के भाग जागल हो,
ललना लाल होइहे, कुलवा के दीपक मनवा में आस लागल हो॥

आज के दिनवा सुहावन, रतिया लुभावन हो,
ललना दिदिया के होरिला जनमले, होरिलवा बडा सुन्दर हो॥

नकिया त हवे जैसे बाबुजी के, अंखिया ह माई के हो,
ललन मुहवा ह चनवा सुरुजवा त सगरो अन्जोर भइले हो॥

सासु सुहागिन बड भागिन, अन धन लुटावेली हो,
ललना दुअरा पे बाजेला बधइया, अन्गनवा उठे सोहर हो॥

नाची नाची गावेली बहिनिया, ललन के खेलावेली हो,
ललना हंसी हंसी टिहुकी चलावेली, रस बरसावेली हो॥

मचिया ही बईठल कौशिल्या रानी

मचिया ही बईठल कौशिल्या रानी, सिहाँसन राजा दशरथ हो,
राजा बिनु रे बदरी कहीं कजरी कहाँ जाई बरसेले हो।

बोलिया त बोलेली रानी बोलही नाहीं पावेली हो,
रानी बीनू हो ग़रभ के तिरियवा होरीला नाही जनमत सुनत सुख सोहर हो।

एतना बचन रानी सुनली सुनहि नाही पावेली हो,
रानी हाथे गोड़े तानेली चदरिया सुतेली कोपवाघर हो।

सोने के खडौउआ राजा दशरथ केकयी महल चले,
रानी तोरे बहिना बड़े रे।

ये बोल भोजपुरी लोक-परंपरा से हैं। नीचे हर भाषा के सोहर गीतों की पूरी सूची दी गई है।

सोहर लोक गीत संग्रह | Sohar Geet Collection (Lyrics)

सोहर गीत भारतीय लोक-संगीत की एक समृद्ध परंपरा है, जो जन्म, विवाह और संस्कारों के अवसर पर गाए जाते हैं। यह संग्रह मैथिली, भोजपुरी, अवधी, बघेली, मगही, बुन्देली और अंगिका — सात भाषाओं में उपलब्ध सोहर गीतों के बोल (Lyrics) प्रस्तुत करता है। ये गीत उत्तर भारत की सांस्कृतिक धरोहर के अभिन्न अंग हैं।

सोहर गीत हमर लोक-संस्कृतिक धरोहर छि। ई संग्रहमे मैथिली, भोजपुरी, अवधी, बघेली, मगही, बुन्देली आ अंगिका — सात भाषामे सोहर गीतक बोल संकलित कएल गेल अछि।

विषय-सूची (Table of Contents)

मैथिली सोहर लोक गीत | Maithili Sohar Geet Lyrics

भोजपुरी सोहर लोक गीत | Bhojpuri Sohar Geet Lyrics

अवधी सोहर लोक गीत | Awadhi Sohar Geet Lyrics

बघेली सोहर लोक गीत | Bagheli Sohar Geet Lyrics

मगही सोहर लोक गीत | Magahi Sohar Geet Lyrics

बुन्देली सोहर लोक गीत | Bundeli Sohar Geet Lyrics

अंगिका सोहर लोक गीत | Angika Sohar Geet Lyrics

यह सोहर गीतों का संकलन है। सभी गीतों के बोल (Lyrics) विभिन्न भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न | Sohar Geet FAQ

सोहर गीत कब गाया जाता है?
बच्चे के जन्म के अवसर पर, और कई घरों में गर्भावस्था के अंतिम महीनों में भी। बच्चा जब जन्म लेता है तो घर की स्त्रियाँ मिलकर सोहर गाती हैं।

सोहर गीत किस क्षेत्र में गाया जाता है?
मुख्य रूप से बिहार के मिथिला और भोजपुरी क्षेत्र में, साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और नेपाल के तराई क्षेत्र में।

सोहर और सोहिला में क्या अंतर है?
सोहर छोटे संस्कार-गीत होते हैं, जबकि सोहिला लंबी कथा-शैली की रचना होती है, जिसमें पूरी घटना विस्तार से गाई जाती है।

सोहर कौन गाता है?
परंपरा में घर की स्त्रियाँ — माँ, बुआ, ननद, भौजाई और पड़ोस की औरतें — मिलकर गाती हैं। पुरुष आमतौर पर ढोलक या हारमोनियम के साथ रहते हैं।

सोहर गीत का अर्थ क्या है?
सोहर शब्द संस्कार और मंगल से जुड़ा है। इन गीतों में नए जन्मे बच्चे के लिए मंगलकामना, परिवार की खुशी और वंश-वृद्धि की कामना होती है।

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