श्रीलाल शुक्ल को हम 'राग दरबारी' के लिए जानते हैं, पर उनका व्यंग्य छोटी रचनाओं में भी उतना ही तीखा है। यहाँ उनके निबंध और व्यंग्य हैं — साहब का बाबा, कुंती देवी का झोला, गँजहों के गाँव का लोकतंत्र जैसी रचनाएँ, जो हँसाते हुए सिस्टम की पोल खोलती हैं।
श्रीलाल शुक्ल के व्यंग्य | Shrilal Shukla Vyangya in Hindi
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