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शरद जोशी के व्यंग्य | Sharad Joshi Vyangya in Hindi

2026-11-05 · Satire-Vyangya

शरद जोशी का व्यंग्य पढ़ते हुए हँसी आती है, और फिर शर्म भी। 'अतिथि! तुम कब जाओगे' से लेकर 'लोकायुक्त' तक — उनकी हर रचना हमारे आस-पास के सिस्टम, अफसरशाही और समाज की आदतों पर चोट करती है। यहाँ उनके चुनिंदा व्यंग्य हैं।

क्रम रचना का शीर्षक
11968-69 के वे दिन
2अतिथि! तुम कब जाओगे
3आलोचना
4एक भूतपूर्व मंत्री से मुलाकात
5जिसके हम मामा हैं
6रेल यात्रा
7लोकायुक्त

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