पंजाबी लोकगीत (Punjabi Lokgeet Lyrics) पंजाब के समृद्ध लोकजीवन, संस्कृति और भावनाओं की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। इस विशेष संग्रह में विवाह के पारंपरिक गीत, सुहाग, घोड़ी, गिद्धा, बोलियाँ, माहिया, टप्पे और विरह-प्रेम से जुड़े लोकप्रिय पारंपरिक गीतों के बोल (Lyrics) क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत हैं।
पंजाबी लोकगीत के बोल
नीचे दो सबसे लोकप्रिय पंजाबी लोकगीतों के पूरे बोल दिए गए हैं। बाकी गीतों की सूची इनके नीचे है।
साडा चिड़ियाँ दा चंबा वे
साडा चिड़ियाँ दा चंबा वे,
बाबल असां उड़ जाणा,
साडी लम्मी उडारी वे,
बाबल केहड़े देस जाणा।
तेरे महिलां दे विच विच वे,
बाबल चरखा कौन कत्ते?
मेरियां कत्तन पोतरियाँ,
धिए घर जा अपणे।
तेरे महिलां दे विच विच वे,
बाबल गुडियां कौण खेडे?
मेरियां खेडण पोतरियाँ,
धिए घर जा अपणे।
मेरा छुट्या कसीदा वे,
बाबल दस कौन कडे?
मेरियां कडन पोतरियाँ,
धिए घर जा अपणे।
तेरे बागां दे विच विच वे,
बाबल डोला नहीं लंघदा,
इक टहनी पुट देवाँ,
धिए घर जा अपणे।
तेरियां भिडीयाँ गलियाँ'च वे,
बाबल डोला नहीं लंघदा,
इक इट पुटा देवाँ,
धिए घर जा अपणे।
वे लै दे मैंनू मखमल दी पख्खी घुंगुरुँआं वाली
वे लै दे मैंनू मखमल दी पख्खी घुंगुरुँआं वाली,
वे लै दे मैंनू मखमल दी पख्खी घुंगुरुँआं वाली।
कीता मुड़के पाणी पाणी,
भिज गया मेरा सूट जापानी,
पिघले गर्मी नाल जवानी,
मखणा नाल जो पाली,
वे लै दे मैंनू मखमल दी पख्खी घुंगुरुँआं वाली।
रंग मेरा जिवें अंब सिन्दूरी,
कूले हथ्थ जिओं घ्यो दी चूरी,
फूँक भरा ए पख्खा खजूरी,
तलियां दी जड़ गाली,
वे लै दे मैंनू मखमल दी पख्खी घुंगुरुँआं वाली।
रूप मेरे दा जे लैणा नज़ारा,
सुण वे पिंड देया लम्बड़दारा,
मन्न लै आखा ना ला लारा,
कहन्दीऊ हीर सियाली,
वे लै दे मैंनू मखमल दी पख्खी घुंगुरुँआं वाली।
बिजली दे पख्खेयाँ लाईयां बहारां,
सुखी शहर दियाँ सब मुटियारां,
झल्लन पखियाँ पिंड दीआं नारां,
आये न बिजली हाली,
वे लै दे मैंनू मखमल दी पख्खी घुंगुरुँआं वाली।
ये बोल पंजाबी लोक-परंपरा से हैं।
पारंपरिक पंजाबी लोकगीत संग्रह (Traditional Punjabi Folk Song Lyrics)
- साडा चिड़ियाँ दा चंबा वे / पंजाबी लोकगीत
- मेनू हीरे हीरे आखे हाय / पंजाबी लोकगीत
- वे लै दे मैंनू मखमल दी पख्खी घुंगुरुँआं वाली / पंजाबी लोकगीत
- मधानियाँ, ओये मेरेया डाडेया रब्बा / पंजाबी लोकगीत
- डाची वालेया मोड़ मुहाल वे / पंजाबी लोकगीत
- मावां ते धियां रल बैठियाँ नी माये / पंजाबी लोकगीत
- लट्ठे दी चदार उत्ते सलेटी रंग माहिया / पंजाबी लोकगीत
- नन्द ते भाबो रल मिल बेठियाँ ते / पंजाबी लोकगीत
- नणद ते भाबी रल बैठीआं (2) / पंजाबी लोकगीत
पंजाबी विरह एवं सांस्कृतिक गीत (Punjabi Lok Geet Lyrics)
लोकप्रिय पंजाबी टप्पे और माहिया (Popular Punjabi Lok Geet)
इन रचनाओं को भी पढ़िए
- बन्ना-बन्नी लोकगीत लिरिक्स | Banna-Banni Hindi Lok Geet
- सोहर लोकगीत लिरिक्स | Sohar Geet Lyrics — मैथिली, भोजपुरी, अवधी, बुंदे
- हिंदी लोकगीत संग्रह लिरिक्स | Lokgeet Lyrics — मैथिली, भोजपुरी, अवधी,
- निमाड़ी लोकगीत संग्रह | Nimadi Lokgeet Lyrics – Nimari Geet
- Rajasthani Wedding Songs Lyrics – ब्याव के राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स
- हरियाणवी लोकगीत लिरिक्स | Haryanvi Lok Geet Desi Songs Lyrics
- बघेली लोकगीत लिरिक्स | Bagheli Lokgeet Lyrics in Hindi
- बघेली गारी गाली गीत लिरिक्स | Bagheli Gari Gali Lokgeet Lyrics
- लोकगीत संग्रह