संत रविदास जी की रचनाएँ | शब्द, पदावली, दोहे | Sant Ravidas Ji Collection
संत रविदास जी को भक्त रविदास, गुरू रविदास, रैदास, रोहीदास और रूहीदास के नामों से भी जाना जाता है। वह पंद्रहवीं सदी के महान संत, समाज-सुधारक, मानववादी चिंतक और कवि थे। उनका संबंध दुनियावी तौर पर कुटबांढला चमार जाति से था। उनके 40 शब्द श्री गुरू ग्रंथ साहिब में संकलित हैं। उनकी रचनाएँ ईश्वर, गुरु, ब्रह्मांड और प्रकृति के साथ प्रेम का संदेश देते हुए समता और मानवता की भलाई पर ज़ोर देती हैं।
| ✍️ नाम | संत रविदास जी (रैदास, रोहीदास, रूहीदास, भक्त रविदास, गुरू रविदास) |
| जन्म स्थान एवं तिथि | 1377 ई. (मान्यता अनुसार) – सीर गोवर्धनपुर / मंदूर, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) |
| 🏆 सम्मान / संकलन | श्री गुरू ग्रंथ साहिब में 40 शब्द सम्मिलित, भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत |
| 🎯 विशेष उपलब्धि | "बेगम पुरा सहर को नाउ" जैसी समतामूलक रचना, सैकड़ों पद एवं दोहे |
| 💡 विचार एवं संदेश | जाति-पाति और आडंबर का खंडन, सामाजिक समरसता और आंतरिक भक्ति पर बल |
| 📖 प्रमुख कृतियाँ | रैदास की बानी, अनभै पदावली, दोहावली, गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज शब्द संग्रह |
| 🕊️ निर्वाण | 1528 ई. (मान्यता अनुसार) – वाराणसी (काशी) |
संत रविदास जी की प्रमुख रचनाएँ
शब्द संत रविदास जी (Shabd Sant Raidas Ji)
- 1. बेगम पुरा सहर को नाउ / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 2. दूधु त बछरै थनहु बिटारिओ / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 3. माटी को पुतरा कैसे नचतु है / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 4. मेरी संगति पोच सोच दिनु राती / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 5. नामु तेरो आरती मजनु मुरारे / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 6. तोही मोही मोही तोही अंतरु कैसा / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 7. तुम चंदन हम इरंड बापुरे संगि तुमारे बासा / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 8. घट अवघट डूगर घणा इकु निरगुणु बैलु हमार / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 9. कूपु भरिओ जैसे दादिरा कछु देसु बिदेसु न बूझ / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 10. सतजुगि सतु तेता जगी दुआपरि पूजाचार / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 11. म्रिग मीन भ्रिंग पतंग कुंचर एक दोख बिनास / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 12. संत तुझी तनु संगति प्रान / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 13. कहा भइओ जउ तनु भइओ छिनु छिनु / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 14. हरि हरि हरि हरि हरि हरि हरे / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 15. जब हम होते तब तू नाही अब तूही मै नाही / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 16. जउ हम बांधे मोह फास हम प्रेम बधनि तुम बाधे / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 17. दुलभ जनमु पुंन फल पाइओ बिरथा जात अबिबेकै / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 18. सुख सागरु सुरतर चिंतामनि कामधेनु बसि जा के / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 19. जउ तुम गिरिवर तउ हम मोरा / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 20. जल की भीति पवन का थ्मभा रक्त बुंद का गारा / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 21. चमरटा गांठि न जनई / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 22. हम सरि दीनु दइआलु न तुम सरि अब पतीआरु किआ कीजै / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 23. चित सिमरनु करउ नैन अविलोकनो स्रवन बानी सुजसु पूरि राखउ / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 24. नाथ कछूअ न जानउ / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 25. सह की सार सुहागनि जानै / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 26. जो दिन आवहि सो दिन जाही / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 27. ऊचे मंदर साल रसोई / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 28. दारिदु देखि सभ को हसै ऐसी दसा हमारी / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 29. जिह कुल साधु बैसनौ होइ / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 30. मुकंद मुकंद जपहु संसार / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 31. जे ओहु अठसठि तीर्थ न्हावै / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 32. पड़ीऐ गुनीऐ नामु सभु सुनीऐ अनभउ भाउ न दरसै / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 33. ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 34. सुख सागर सुरितरु चिंतामनि कामधेन बसि जा के रे / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 35. खटु करम कुल संजुगतु है हरि भगति हिरदै नाहि / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 36. बिनु देखे उपजै नही आसा / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 38. नागर जनां मेरी जाति बिखिआत चमारं / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 39. हरि जपत तेऊ जना पदम कवलास पति तास सम तुलि नही आन कोऊ / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
- 40. मिलत पिआरो प्रान नाथु कवन भगति ते / शब्द / संत रविदास जी / रैदास
संत रविदास जी के दोहे
दोहे संत गुरु रविदास / रैदास जी Dohe Sant Guru Ravidas Ji in Hindi
पदावली संत रैदास / रविदास जी (Padawali Raidas)
- 1. अखि लखि लै नहीं का कहि पंडित, कोई न कहै समझाई
- 2. अब कुछ मरम बिचारा हो हरि पदावली / संत रैदास / रविदास
- 3. अब कैसे छूटै राम नाम रट लागी पदावली / संत रैदास / रविदास
- 4. अब मैं हार्यौ रे भाई पदावली / संत रैदास / रविदास
- 5. अब मोरी बूड़ी रे भाई पदावली / संत रैदास / रविदास
- 6. अब हम खूब बतन घर पाया पदावली / संत रैदास / रविदास
- 7. अबिगत नाथ निरंजन देवा पदावली / संत रैदास / रविदास
- 8. अहो देव तेरी अमित महिमां, महादैवी माया पदावली / संत रैदास / रविदास
- 9. आज दिवस लेऊँ बलिहारा पदावली / संत रैदास / रविदास
- 10. आज नां द्यौस नां ल्यौ बलिहारा / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 11. आयौ हो आयौ देव तुम्ह सरनां / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 12. इहि तनु ऐसा जैसे घास की टाटी / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 13. इहै अंदेसा सोचि जिय मेरे / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 14. ऐसा ध्यान धरूँ बनवारी / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 15. ऐसी भगति न होइ रे भाई / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 16. ऐसी मेरी जाति बिख्यात चमारं / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 17. ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 18. ऐसे जानि जपो रे जीव / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 19. ऐसौ कछु अनभै कहत न आवै / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 20. कवन भगितते रहै प्यारो पाहुनो रे / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 21. कहा सूते मुगध नर काल के मंझि मुख / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 22. कहि मन रांम नांम संभारि / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 23. कांन्हां हो जगजीवन मोरा / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 24. किहि बिधि अणसरूं रे, अति दुलभ दीनदयाल / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 25. केसवे बिकट माया तोर / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 26. कौंन भगति थैं रहै प्यारे पांहुनौं रे / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 27. कोई सुमार न देखौं, ए सब ऊपिली चोभा / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 28. क्या तू सोवै जणिं दिवांनां / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 29. खांलिक सकिसता मैं तेरा / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 30. गाइ गाइ अब का कहि गाऊँ / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 31. गोबिंदे तुम्हारे से समाधि लागी / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 32. गौब्यंदे भौ जल ब्याधि अपारा / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 33. चमरटा गाँठि न जनई / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 34. चलि मन हरि चटसाल पढ़ाऊँ / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 35. जग मैं बेद बैद मांनी जें / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 36. जन कूँ तारि तारि तारि तारि बाप रमइया / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 37. जब रामनाम कहि गावैगा / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 38. जयौ रांम गोब्यंद बीठल बासदेव / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 39. जिनि थोथरा पिछोरे कोई / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 40. जिह कुल साधु बैसनो होइ / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 41. जीवत मुकंदे मरत मुकंदे / पदावली / संत रैदास / रविदास
- 42. जो तुम तोरौ रांम मैं नहीं तोरौं / पदावली / संत रैदास / रविदास
🙏 संत रविदास जी: भक्ति और समानता के अग्रदूत
संत रविदास जी ने जाति-पाति, ऊँच-नीच और बाह्य आडंबरों का पुरजोर विरोध किया। उनका स्पष्ट मत था कि मनुष्य की पहचान उसके जन्म या जाति से नहीं बल्कि उसके कर्म और ज्ञान से होती है। उनके विचार आज भी सामाजिक न्याय और समरसता के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: संत रविदास जी के अन्य नाम क्या हैं?
उत्तर: इन्हें रैदास, रोहीदास, रूहीदास, भक्त रविदास और गुरू रविदास के नाम से भी जाना जाता है।
प्रश्न 2: संत रविदास जी का जन्म कहाँ हुआ था?
उत्तर: उनका जन्म वाराणसी (काशी), उत्तर प्रदेश के सीर गोवर्धनपुर / मंदूर में हुआ था।
प्रश्न 3: श्री गुरू ग्रंथ साहिब में संत रविदास जी के कितने शब्द दर्ज हैं?
उत्तर: श्री गुरू ग्रंथ साहिब में उनके कुल 40 शब्द सम्मिलित हैं।
प्रश्न 4: संत रविदास जी का सबसे प्रसिद्ध शब्द कौन सा है?
उत्तर: "बेगम पुरा सहर को नाउ" उनकी सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक रचना मानी जाती है, जिसमें उन्होंने एक शोषण-मुक्त और समतामूलक आदर्श समाज की संकल्पना प्रस्तुत की है।
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