नरेन्द्र शर्मा (1913–1989) हिंदी के प्रसिद्ध कवि और गीतकार थे। उनकी रचनाओं में प्रेम, प्रकृति, राष्ट्रभावना और मानवीय संवेदनाओं के साथ भारतीय सांस्कृतिक चेतना के स्वर भी मिलते हैं। कविता में वे भाव और विचार को सरल, मधुर तथा लयात्मक भाषा में व्यक्त करने के लिए जाने जाते हैं।
नरेन्द्र शर्मा ने हिंदी साहित्य के साथ-साथ हिंदी फिल्म जगत में भी गीतकार के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके लिखे गीतों में काव्यात्मकता और संगीत की सहज लय का सुंदर मेल दिखाई देता है। ‘ज्योति कलश छलके’ जैसे लोकप्रिय गीत उनकी गीत-रचना की पहचान बन गए। वे आकाशवाणी से भी लंबे समय तक जुड़े रहे और रेडियो के लिए साहित्य तथा गीतों के क्षेत्र में काम किया। कविता और फिल्मी गीत, दोनों क्षेत्रों में उनकी रचनात्मक उपस्थिति ने उन्हें हिंदी के विशिष्ट कवि-गीतकारों में स्थान दिया।