- सौंदर्य वर्णन (नौ)
- बारहमासा (पौष)
- बारहमासा (मार्गशीर्ष)
- बारहमासा (फाल्गुन)
- सौंदर्य वर्णन (दस)
- सौंदर्य वर्णन (आठ)
- बारहमासा (माघ)
- बारहमासा (सावन)
- बारहमासा (कार्तिक)
- बारहमासा (वैशाख)
- बारहमासा (ज्येष्ठ)
- बारहमासा (चैत्र)
- सौंदर्य वर्णन (छह)
- बारहमासा (अश्विन)
- सौंदर्य वर्णन (तीन)
- बारहमासा (भाद्रपद)
- सौंदर्य वर्णन (सात)
- सौंदर्य वर्णन (पाँच)
- सौंदर्य वर्णन (चार)
- सौंदर्य वर्णन (ग्यारह)
- बारहमासा (आषाढ़)
- सौंदर्य वर्णन (एक)
- चिश्ती संप्रदाय के संत शेख़ बुरहान के शिष्य। जौनपुर के बादशाह हुसैनशाह के आश्रित। प्रेम में त्याग और कष्टों के सुंदर वर्णन के लिए उल्लेखनीय। 'मिरगावती' में कुतबन ने चंद्रनगर के राजा गणपतिदेव के राजकुमार और कंचनपुर के राजा रूपमुरारि की कन्या मृगावती की प्रेमकथा का वर्णन किया है। इस कहानी के द्वारा कवि ने प्रेममार्ग के त्याग और कष्ट का निरूपण करके साधक के भगवत्प्रेम का स्वरूप दिखाया है।