कुमाँऊनी लोकगीत (Kumauni Lokgeet Lyrics) उत्तराखंड के कुमाँऊ क्षेत्र की समृद्ध लोक-संस्कृति का महत्वपूर्ण और सजीव हिस्सा हैं। ये गीत यहाँ के जनजीवन, प्राकृतिक वातावरण, पहाड़ों के सौंदर्य, सामाजिक रीति-रिवाज़ों और मानवीय भावनाओं का संगीतबद्ध और मधुर प्रतिबिंब प्रस्तुत करते हैं।
कुमाँऊनी लोकगीत एवं पारंपरिक गीत संग्रह (Kumauni Lokgeet Lyrics Collection)
- शकुनाक्षर - शकुनादे / लोकगीत लिरिक्स
- झनकारो झनकारो झनकारो / लोकगीत लिरिक्स
- शिव के मन माहि बसे काशी / लोकगीत लिरिक्स
- ऊंचा डाना बटि, बाटा-घाटा बटि / लोकगीत लिरिक्स
- घुघुती ना बासा / कुमाँऊनी लोकगीत लिरिक्स
- बेड़ु पाको बारो मासा / कुमाँऊनी लिरिक्स
- बलमा घर आयो फागुन में / कुमाँऊनी लिरिक्स
- जोगी आयो शहर में व्योपारी / कुमाँऊनी लिरिक्स
- निमंत्रण / कुमाँऊनी लिरिक्स
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