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ईसरदास बारहठ की रचनाएँ : Isardas Barhath Chhand Kavya Khand

2026-09-07 · काव्य खंड / कुंडलियाँ

ईसरदास बारहठ (1538–1618) राजस्थान के प्रसिद्ध चारण कवि और भक्त कवि थे। वे ‘ईसरा-परमेसरा’ के नाम से भी प्रसिद्ध हैं और डिंगल साहित्य के प्रमुख भक्त कवियों में गिने जाते हैं। उनका जन्म बाड़मेर के भाद्रेस गाँव में हुआ था। उनकी प्रमुख रचनाओं में ‘हरिरस’, ‘देवियाण’ और ‘निंदा-स्तुति’ शामिल हैं। भक्ति के साथ वीर रस में भी उनकी उल्लेखनीय रचनाएँ मिलती हैं, जिनमें ‘हालाँ-झालाँ रा कुंडलिया’ विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

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