हनुमान बाहुक गोस्वामी तुलसीदास की प्रसिद्ध रचना है। तुलसीदास हिंदी साहित्य के महान कवि और रामभक्ति परंपरा के प्रमुख संत माने जाते हैं। उन्होंने भगवान राम के प्रति अपनी गहरी भक्ति को अनेक रचनाओं के माध्यम से व्यक्त किया। ‘रामचरितमानस’, ‘विनय पत्रिका’, ‘कवितावली’ और ‘दोहावली’ उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं। ‘हनुमान बाहुक’ में भगवान हनुमान की स्तुति और उनके प्रति भक्तिभाव व्यक्त किया गया है। यह रचना श्रद्धा, विश्वास और हनुमान जी की कृपा की भावना से जुड़ी हुई है। हिंदी भक्ति साहित्य में तुलसीदास का विशेष और महत्वपूर्ण स्थान है।
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