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दुरसा आढ़ा रा सोरठा : Dursa Aadha Ke Sorthe

2026-09-08 · सोरठा / Sortha

दुरसा आढ़ा (1535–1655) राजस्थान के प्रसिद्ध चारण कवि और वीर रस के कवि थे। वे मेवाड़ और राजपूत वीरता की प्रशंसा करने वाले कवियों में प्रमुख माने जाते हैं। उनकी कविताओं में वीरता, स्वाभिमान, देशप्रेम और युद्ध-भावना का प्रभावशाली चित्रण मिलता है। दुरसा आढ़ा ने अपने काव्य के माध्यम से तत्कालीन राजपूत शासकों और योद्धाओं के शौर्य का वर्णन किया। उनकी रचनाएँ डिंगल काव्य परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर मानी जाती हैं और राजस्थान के वीर काव्य में उनका विशेष स्थान है।

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