चाचा हितवृंदावनदास – राधावल्लभ संप्रदाय के प्रमुख कवि और भक्त, जिनके पद भक्ति रस से ओतप्रोत हैं। यहाँ उनके यह छबि बाढ़ो री रजनी, देखा-देखी रसिक न ह्वैहै, हौं बलि जाऊँ, प्रीतम तुम तो दृगनि बसत हौ सहित प्रमुख पद संकलित हैं।
चाचा हितवृंदावनदास (17वीं शताब्दी) राधावल्लभ संप्रदाय के प्रसिद्ध कवि और भक्त थे। वे हित हरिवंश महाप्रभु के परम शिष्य थे। उनके पदों में राधा-कृष्ण की प्रेम लीला, भक्ति रस और माधुर्य भाव की अद्भुत झलक मिलती है। उनकी रचनाएँ भक्ति साहित्य में अमूल्य धरोहर हैं।
चाचा हितवृंदावनदास के प्रसिद्ध पद | Famous Pad by Chacha Hit Vrindavan Das
- यह छबि बाढ़ो री रजनी | Yeh Chhabi Badho Ri Rajani
- देखा-देखी रसिक न ह्वैहै | Dekha-Dekhi Rasik Na Hwaihai
- हौं बलि जाऊँ, मुख सुख-रास | Haun Bali Jaun, Mukh Sukh-Ras
- प्रीतम, तुम तो दृगनि बसत हौ | Preetam, Tum To Driyagani Basat Hau
- सोभा केहि बिधि बरनि सुनाऊँ | Sobha Kehi Bidhi Barani Sunaun
- भजन भावना होय न परसी | Bhajan Bhavana Hoy Na Parasi
राधावल्लभ संप्रदाय और चाचा हितवृंदावनदास | Radhavallabh Sampraday & Chacha Hit Vrindavan Das
राधावल्लभ संप्रदाय की स्थापना श्री हित हरिवंश महाप्रभु ने की थी। इस संप्रदाय में राधा-कृष्ण की प्रेम लीला का विशेष महत्व है। चाचा हितवृंदावनदास इस संप्रदाय के प्रमुख कवि और भक्त थे। उनके पदों में माधुर्य भाव, विरह, मिलन और भक्ति रस की अद्भुत झलक मिलती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल | FAQ
चाचा हितवृंदावनदास कौन थे? | Chacha Hit Vrindavan Das Kaun The?
चाचा हितवृंदावनदास राधावल्लभ संप्रदाय के प्रमुख कवि और भक्त थे। वे हित हरिवंश महाप्रभु के परम शिष्य थे।
चाचा हितवृंदावनदास की सबसे प्रसिद्ध रचना कौन सी है? | Chacha Hit Vrindavan Das Ki Sabse Prasidh Rachna Kaun Si Hai?
उनकी सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में “यह छबि बाढ़ो री रजनी” और “देखा-देखी रसिक न ह्वैहै” प्रमुख हैं।
राधावल्लभ संप्रदाय क्या है? | Radhavallabh Sampraday Kya Hai?
राधावल्लभ संप्रदाय की स्थापना श्री हित हरिवंश महाप्रभु ने की थी। इस संप्रदाय में राधा-कृष्ण की प्रेम लीला का विशेष महत्व है।
चाचा हितवृंदावनदास के पद कहाँ पढ़ें? | Chacha Hit Vrindavan Das Ke Pad Kahan Padhein?
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