प्रमुख अष्टक संग्रह | Ashtak Sangrah – Shiv, Vishwanath, Kalika, Mahalakshmi
अष्टक – आठ श्लोकों वाली स्तुति, जो देवी-देवताओं की आराधना का प्रमुख साधन है। यहाँ शिव अष्टक, विश्वनाथ अष्टक, काली अष्टक, महालक्ष्मी अष्टक, वैद्यनाथ अष्टक सहित 11 प्रमुख अष्टकों के लिरिक्स संकलित हैं।
📖 अष्टक क्या है? | What is Ashtak?
अष्टक संस्कृत स्तोत्र साहित्य की एक विधा है जिसमें आठ श्लोक (श्लोक) होते हैं। ये स्तोत्र देवी-देवताओं की स्तुति, गुणगान और आराधना के लिए रचे गए हैं। प्रमुख अष्टक आदि शंकराचार्य, व्यास, तुलसीदास जैसे महान संतों द्वारा रचित हैं।
🕉️ प्रमुख अष्टक संग्रह | Famous Ashtak Collection
- श्री विश्वनाथ अष्टकम् | Shri Vishvanath Ashtakam
- श्री वैद्यनाथाष्टकम् | Shri Vaidhyanath Ashtakam
- श्री शङ्कराष्टकम् | Shri Shankarashtakam
- श्री रेणुका अष्टक | Shri Renuka Ashtak
- श्री पशुपति अष्टकम | Shri Pashupati Ashtakam
- श्री नर्मदा अष्टकम | Shri Narmada Ashtakam
- श्री महालक्ष्मि अष्टकम | Shri Mahalakshmi Ashtakam
- श्री कालिकाष्टकम् | Shri Kalikashtakam
- श्री काल भैरव अष्टक | Shri Kaal Bhairav Ashtak
- श्री गुरुपादुका अष्टकम | Shri Gurupaduka Ashtakam
- श्री भवान्यष्टकं | Shri Bhavyanashtak
- श्री शिवाष्टक | Shri Shivashtak
📚 देवी-देवता अनुसार अष्टक | Ashtak by Deity
- 🔱 शिव अष्टक: श्री शिवाष्टक, श्री शङ्कराष्टकम्, श्री पशुपति अष्टकम
- 🕉️ विष्णु/शिव: श्री विश्वनाथ अष्टकम्, श्री वैद्यनाथाष्टकम्
- 🙏 देवी अष्टक: श्री कालिकाष्टकम्, श्री महालक्ष्मि अष्टकम, श्री भवान्यष्टकं
- ⛰️ तीर्थ अष्टक: श्री नर्मदा अष्टकम
- 👺 क्षेत्रपाल अष्टक: श्री काल भैरव अष्टक
✨ अष्टक का महत्व | Significance of Ashtak
अष्टक का पाठ करने से मन की शांति, आध्यात्मिक उन्नति और इच्छित फल की प्राप्ति होती है। प्रत्येक अष्टक किसी न किसी देवता की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए रचा गया है। नियमित पाठ से रोग, शोक, दरिद्रता और संकट दूर होते हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल | FAQ
अष्टक किसे कहते हैं? | Ashtak Kise Kehte Hain?
अष्टक एक स्तोत्र है जिसमें आठ श्लोक (श्लोक) होते हैं। यह देवी-देवताओं की स्तुति और आराधना के लिए रचा जाता है।
सबसे प्रसिद्ध अष्टक कौन से हैं? | Sabse Prasidh Ashtak Kaun Se Hain?
शिवाष्टक, विश्वनाथाष्टक, कालिकाष्टकम्, महालक्ष्म्यष्टकम् और भवान्यष्टकम् सबसे प्रसिद्ध अष्टक हैं।
अष्टक का पाठ कैसे करें? | Ashtak Ka Paath Kaise Karein?
अष्टक का पाठ प्रातःकाल स्नान के बाद, शुद्ध मन से करना चाहिए। प्रत्येक श्लोक के बाद भगवान का ध्यान करें।
अष्टक कहाँ पढ़ें? | Ashtak Kahan Padhein?
ऊपर दिए गए सभी लिंक पर क्लिक करके आप सभी प्रमुख अष्टकों के लिरिक्स हिंदी में पढ़ सकते हैं।