आचार्य भिक्षु 18वीं शताब्दी के प्रमुख धार्मिक संत एवं विचारक थे। उनका जन्म 1726 ई. में मारवाड़ क्षेत्र में हुआ और उन्होंने अहिंसा, संयम तथा आत्मानुशासन पर विशेष बल दिया। वे तेरापंथ परंपरा के संस्थापक माने जाते हैं और उनके विचारों का राजस्थान के धार्मिक एवं सामाजिक जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा।